योगवसिष्ठ में कर्मयोग और ज्ञानयोग का परस्पर संबंध : एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
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https://doi.org/10.69968/ijisem.2025v4i3408-412Keywords:
योगवसिष्ठ, कर्मयोग, ज्ञानयोग, अद्वैत, मोक्ष, परस्पर संबंधAbstract
इस शोध पत्र के द्वारा योगवसिष्ठ में कर्मयोग एवं ज्ञान के परस्पर संबंध का विश्लेषणात्मक अध्ययन किया गया है। आज के समय में साधक कर्म योग एवं ज्ञान योग को अलग-अलग मानते है, परन्तु योगवसिष्ठ के अनुसार कर्म योग एवं ज्ञान योग को आत्मज्ञान एवं मोक्ष प्राप्ति का एक पूरक साधन है। इस शोध पत्र के यह स्पष्ट किया गया है, कि कर्म योग में निष्काम कर्म के द्वारा चित शुद्ध करता है जो ज्ञान योग के साधन के लिय आवश्यक है। वहीं ज्ञान योग द्वारा विवेक-वैराग्य के माध्यम से साधक के समक्ष सत्य ज्ञान प्रदर्शित कर वासना रहित कर्म अर्थात निष्काम कर्म के लिय प्रेरित करती है। जो आत्म ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति के अति अतिमहत्वपूर्ण है।
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