बुन्देलखण्ड के प्रमुख पर्यटन स्थल एवं पर्यटन क्षेत्र में संभावनाएं

Authors

  • रंजीत कुमार (नेट/जे.आर.एफ.), डिपार्टमेंट ऑफ टूरिज्म एण्ड होटल मैनेजमेंट, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी, (उ०प्र०).
  • पवन कुमार शोधार्थी, (नेट/जे.आर.एफ.), समाज कार्य विभाग, बुन्देलखण्ड विश्ववि‌द्यालय, झाँसी, (उ०प्र०).

DOI:

https://doi.org/10.69968/ijisem.2026v5i1174-178

Keywords:

बुन्देलखण्ड क्षेत्र, पर्यटन विकास, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक पर्यटन स्थल, क्षेत्रीय आर्थिक विकास

Abstract

भौगोलिक दृष्टि से बुन्देलखण्ड क्षेत्र का विस्तार उत्तर प्रदेश के साथ ही मध्य प्रदेश में भी है। उत्तर प्रदेश के 7 और मध्य प्रदेश के 6 जिलों को आच्छादित करता बुन्देलखण्ड प्राचीन काल से ही अपनी गौरवपूर्ण ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्त्व के कारण अपनी पहचान बनाये हुए है। खनिज संपदा की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यधिक समृद्ध है। बुंदेलों, चंदेलों और मराठाओं की अमर गाथाओं को, उनके द्वारा बनाये गये किले और मंदिर समूहों की प्राचीरें आज भी जीवंत करती हैं। विविध आयामों को स्वयं में समेटे हुए बुन्देलखण्ड में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से अनेक दर्शनीय स्थल यहाँ विद्यमान हैं; जैसे- झाँसी का किला, ग्वालियर का किला, ओरछा का किला और रामराजा मंदिर, पन्ना टाइगर रिजर्व, रानीपुर टाइगर रिजर्व, खजुराहो के मंदिर समूह, चित्रकूट धाम, सोनागिरी, दतिया आदि हाल ही में माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा इस क्षेत्र में पर्यटन विकास पर बल दिया गया। इसके आलोक में उत्तर प्रदेश सरकार दवारा बुन्देलखण्ड को पर्यटन के क्षेत्र में ग्रोथ इंजन बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बुन्देलखण्ड गौरव महोत्सव कार्यक्रम भी इसी का हिस्सा है, जिसे 23 जनवरी से 18 फरवरी के बीच उत्तर प्रदेश एक बुन्देलखण्ड क्षेत्र के कई जिलों में मनाया गया। इसके माध्यम से सैलानियों को राजाओं की वीरगाथाओं और प्रकृति के मनमोहक रूप से परिचित का प्रयास किया गया है। घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय सैलानियों को आकर्षित करने के लिए बुन्देलखण्ड के दर्शनीय स्थलों को बेहतर रेल और हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करने के साथ ही सुविधाओं में भी आमूल-चूल सुधार करने की आवश्यकता है। इस क्षेत्र से पलायन की समस्या को समाप्त करने में पर्यटन उद्योग रूपान्तरकारी परिवर्तन लाने में सक्षम है। आवश्यकता यह भी है कि इस क्षेत्र की लोक संस्कृति और गुमनाम ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करके वहाँ पर मानक सुविधाओं को स्थापित करते हुए सैलानियों को आकर्षित किया जाए। टूर और ट्रैवल्स कंपनियों को बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सैलानियों को लाने के लिए विशेष पैकेज देने की पेशकस करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।.

References

[1] Tourist Places | District Jhansi, Government of Uttar Pradesh | India

[2] Tourist Places | District Chitrakoot, An Official Website of District Chitrakoot | India

[3] बुन्देलखण्ड क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थल (Bundelkhand region's major tourist destinations) | Bundelkhand Research Portal

[4] Orchha | District Administration Niwari, Government of Madhya Pradesh | India

[5] बुंदेलखंड - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर (bharatdiscovery.org)

[6] Bundelkhand Gaurav Mahotsav will be held in 7 districts | 7 जिलों में होगा बुन्देलखण्ड गौरव महोत्सवः पर्यटन गतिविधियां बढ़ा बुंदलेखंड की आर्थिक स्थिति को किया जाएगा मजबूत Lucknow News | Dainik Bhaskar

[7] ओरछा किला - विकिपीडिया (wikipedia.org)

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Published

07-03-2026

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Articles

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[1]
रंजीत कुमार and पवन कुमार 2026. बुन्देलखण्ड के प्रमुख पर्यटन स्थल एवं पर्यटन क्षेत्र में संभावनाएं. International Journal of Innovations in Science, Engineering And Management. 5, 1 (Mar. 2026), 174–178. DOI:https://doi.org/10.69968/ijisem.2026v5i1174-178.